_________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद के १०० किमी के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र
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टिहरी जलाशय से मिलने वाले अतिरिक्त गंगाजल को गंगा नहर आसिफ नगर (रुड़की) से गंगा के पानी को गंगा यमुना लिंक नहर के माध्यम से पूर्वी यमुना नहर में डाला जाता है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बंजर होता चोगामा क्षेत्र फिर से खुशहाली को प्राप्त हो सकेगा।

शामली जनपद में जलालाबाद कस्बे का निकटवर्ती गांव गंदेवडा गंगा-जमुना नहर के संगम स्थल ने एक तीर्थ स्थल का रूप ले लिया है। गंगा-यमुना के जल का संगम होने के कारण यह क्षेत्र श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। गंगा मइया के जय जयकारों से यहां का वातावरण धर्ममय
बन जाता है।

किसी भी पर्व त्यौहार के अवसर पर हजारों श्रद्धालु अपने अपने वाहनों, ट्रैक्टर- ट्रालियों और पैदल ही गंगा मैया का जयकारा लगाते हुए यहां सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। श्रद्धालु घाट पर संगम के जल में डुबकी लगाकर स्नान करते हैं। स्नान के बाद दीपदान कर पूजा अर्चना करते हैं और मन्नतें मांगते हैं। स्नान के बाद मेले में सजी दुकानों से खेल खिलौने साज- शृंगार और घरेलू जरूरत की चीजों की खरीदारी भी करते हैं।

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