______________________________________________जानिए –

मुजफ्फरनगर जनपद (उ प्र-भारत) के १००कि.मी. के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र के बारे में कुछ और बातें –

_____________________________________________

विकासनगर देहरादून जनपद का एक प्रमुख नगर है। जनपद मुख्यालय से 40 कि.मी. दूर स्थित यह नगर दूरदराज के चकराता, जौनसार बावर, उत्तरकाशी एवं हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का यह नगर प्रमुख क्रय-विक्रय का केंद्र तो है ही इन इलाकों की एक जानी-मानी मानी फल एवं सब्जी मंडी भी है। इस इलाके के पर्वतीय क्षेत्रों में जड़ी – बूटियां भी बहुत होती है।

विकास नगर अपने से कुछ ही दूरी पर डाकपत्थर, कालसी, गंगवहा जैसे प्रसिद्ध पर्यटक ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को भी अपने आंचल में समेटे हुए हैं। जल विद्युत परियोजनाओं के समीपस्थ होने के कारण यह नगर आकर्षण का केंद्र भी है।

पछवादून का गंगभेवा मेला –

विकास नगर से लगभग दो या तीन कि. मी. तथा हरबर्टपुर कस्बे से लगभग चार कि.मी. दूर पछवादून क्षेत्र का गंगभेवा (बावड़ी) का मेला लगता है। यह मेला(ढमरानी) परंपरागत रूप से प्रतिवर्ष बैसाखी के दिन शुरू होता है। चार-पांच दिन तक चलने वाले इस मेले का अपना विशेष महत्व है। मेले को देखने के लिए भारी संख्या में लोग यहांआते हैं।

वैशाखी के अवसर पर प्रातः काल से ही यहां की बावड़ी के स्वच्छ और निर्मल जल में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां भगवान शिव का मंदिर स्थित है और मान्यता के अनुसार इस स्थान को गौतम ऋषि का आश्रम भी माना जाता है। मेले के शुभारंभ से पहले यहां यज्ञ और जागरण होता है तथा मेले के दिन मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाता है।

पछवा दून के इस स्थान का धार्मिक दृष्टि से भारी महत्व है तथा इसके एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की सारी संभावनाएं हैं। यहां का मनोहारी, शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर लुभाने में विशेष भूमिका निभा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *