___________________________________________ मुजफ्फरनगर जनपद के लगभग १०० किमी के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र
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त्रिवेणी घाट – ऋषिकेश

ऋषिकेश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में त्रिवेणी घाट का प्रमुख स्थान है। ऋषिकेश का यह सबसे बड़ा सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख स्नान घाट है। पतित पावनी गंगा जी के यहां से बहुत ही विहंगम और मनोहारी दर्शन होते हैं। त्रिवेणी घाट से ही गंगा जी दाईं ओर मुड़ जाती हैं।

बाहर से आने वाले श्रद्धालु तीर्थयात्री और पर्यटक सबसे अधिक इसी त्रिवेणी घाट पर पावन गंगा में स्नान करने के लिए आते हैं।

पर्व और उत्सवों के समय त्रिवेणी घाट पर गंगा जी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु स्नानार्थियो की भारी भीड़ उमड़ती है। यात्रा सीजन में इस स्थान पर सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक गंगा जी में स्नान करने के लिए और प्रकृति के मनोहारी दृश्यों को निहारने के लिए आते हैं। इनके साथ-साथ यहां पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को भी यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है।

त्रिवेणी घाट पर एक ओर भगवान शंकर की जटाओं में गंगावतरण की मनोहर छवि वाली विशाल प्रतिमा एवं घाट के दूसरी ओर अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए भगवान श्री कृष्ण की मनोहर विशाल प्रतिमा स्थापित है। यहीं गंगा माता का विशाल मंदिर है।

त्रिवेणी घाट के पास ही पौराणिक ऋषि कुंड तथा प्राचीन एवं भव्य रघुनाथ मंदिर है।

कुछ दशकों पहले त्रिवेणी घाट पर कोई पक्का घाट नहीं था श्रद्धालु तीर्थयात्री दूर तक पत्थरों के ऊपर चलकर गंगा के किनारे इस घाट पर स्नान करते थे। बाद में बिरला बंधुओं ने गंगा जी पर इस पक्के और भव्य घाट का निर्माण करवाया था।

त्रिवेणी घाट पर प्रतिदिन संध्या के समय भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाता है। दूर-दूर से आए हुए श्रद्धालु तीर्थयात्री और पर्यटक इस भव्य गंगा आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और पावन गंगा जी में दीपदान करते हैं। गंगा जी में दूर तक टिमटिमाते दीयों का दृश्य बड़ा ही मनोहारी होता है।

ऋषिकेश में गंगा जी पर मुनिकीरेती के कैलाशद्वार का स्नान घाट, हनुमान मंदिर घाट, आदि के अलावा लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम में कई घाट गंगा जी पर बने हुए हैं। यहां पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थयात्री गंगा जी में स्नान करने एवं गंगा की कल-कल कर बहती मनोहर छवि का आनंद लेने के लिए आते हैं।

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