_____________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद के १००किमी के दायरे में गंगा – यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर – मोदीनगर

मोदीनगर के इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है यह मंदिर मोदीनगर के मुख्य बाजार से ही लगा हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के पश्चिम की ओर स्थित है।

इस मंदिर का निर्माण मोदी उद्योग के संस्थापक रायबहादुर गुजरमल मोदी ने कराया था। मंदिर की स्थापना सन १९६३ में माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी ‘बसंत पंचमी’ के दिन हुई। मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सनातन धर्म के उस समय के सभी प्रमुख साधु सन्यासी प्राणप्रतिष्ठा समारोह में पधारे थे। प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा स्वामी कृष्णाश्रम जी महाराज के हाथों से कराई गई थी। स्वामी कृष्णाश्रम जी महाराज हिमालय में ही रहते थे और अपने जीवन में बहुत कम बार ही हिमालय से बाहर गए थे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में स्वामी कृष्णानंद जी, आनंदमई मां, श्री हरि बाबा, श्री विष्णु आश्रम जी महाराज, श्री गोविंदानंद जी, प्रभुदत्त ब्रह्मचारी जी व अन्य जाने-माने संत पधारे थे।

मंदिर का स्थापत्य कलिंग हिंदू शैली के अनुसार बनाया गया है। यह पूरा मंदिर लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है। अंदर की ओर श्वेत संगमरमर अन्य पत्थरों का प्रयोग  किया गया है। मुख्य मंदिर के साथ ही निर्मित अन्य दो मंदिर अंदर से आपस में जुड़े हुए हैं।

मंदिर के मुख्य तीन शिखरों  में बीच का मुख्य शिखर सबसे ऊंचा है। जिस पर चांदी का छत्र शोभा पाता है।  दोनों ओर के शिखर मुख्य शिखर से छोटे हैं। इन शिखरों पर रजत त्रिशूल शोभा पाते हैं। शिवजी के शिखर वाले त्रिशूल में एक डमरु भी बंधा है।

मंदिर के बीच में श्री लक्ष्मी नारायण जी  व उमा महेश्वर तथा दुर्गा जी की मूर्तियों की स्थापना की गई थी। बाद में हनुमान जी, गायत्री माता एवं संतोषी माता की प्रतिमाएं स्थापित की गई।

यहां स्थापित भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा की नित्य पूजा अर्चना के साथ ही प्रत्येक शुक्रवार प्रातःकाल अभिषेक किया जाता है। इसके बाद भगवान वेंकटेश्वर का संघार किया जाता है।

इससे लगा हुआ ही राम दरबार का मंदिर है। मंदिर में यज्ञ शाला बनी है।

एक बहुत बड़े क्षेत्र में फैले इस मंदिर में रामलीला मंचन के लिए लाल पत्थर से सुंदर रामलीला मंच निर्मित किया गया है। यहां एक साथ एक हजार श्रद्धालु बैठकर रामलीला का आनंद लेते हैं। इसके अलावा मंदिर में एक सरोवर भी बना है, इसमें फव्वारे लगे हैं।

रोजाना इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है।

मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही फूल एवं पूजा सामग्री की दुकानें हैं। पास में ही मुख्य बाजार में मोदीनगर के मशहूर शिकंजी वालों की दुकानें हैं।

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