___________________________________________________ मुजफ्फरनगर जनपद के १०० किमी के दायरे में गंगा – यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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बिजनौर जनपद
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बिजनौर नगर के झालू मार्ग स्थित कालिका मंदिर व जाटान मोहल्ले में चामुंडा धाम मंदिर में श्रद्धालुओं का देवी दर्शनों के लिए तांता लगा रहता है। श्रद्धालु देवी को प्रसाद चढ़ाकर मनोकामनाएं मांगते हैं।

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नगीना कस्बा –

रामलीला बाग स्थित दुर्गा मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में अपार आस्था है। सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाले इस प्राचीन मंदिर का अस्तित्व मुगल काल से ज्यो का त्यों है। इसी से श्रद्धालुओं के मन में इस मंदिर के प्रति अगाध आस्था है। शारदीय नवरात्र व चैत्र नवरात्र पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। श्रद्धालु भक्त माता के सामने माथा टेककर प्रसाद चढ़ाते हैं। नवविवाहित जोड़े यहां आकर आशीर्वाद ग्रहण करते हैं और नवजात बच्चों का यहां जात व कुंडारा लगाया जाता है।
नवरात्रों की सप्तमी, अष्टमी व नवमी के दिन यहां मेला लगता है। विजयदशमी के अवसर पर भी इस स्थान पर मेला लगाया जाता है।
दुर्गा मंदिर को भव्य रूप देने के लिए गुजरात, राजस्थान व नोएडा के कारीगरों से इस मंदिर में कांच का काम कराया गया है।

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चांदपुर –

महाभारत कालीन देवी मंदिर में नवरात्रों के अवसर पर सुबह से ही मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग जाती है। दूरदराज से आए सैकड़ों श्रद्धालु भक्त कन्याओं को प्रसाद वितरण के बाद मां दुर्गा का आशीर्वाद लेते हैं।

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बुलंदशहर जनपद

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सिकंदराबाद  –

शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की भव्य शोभायात्रा नगर में धूमधाम से निकाली जाती है शोभा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं मैं आस्था का संगम देखने को मिलता है

इस शोभा यात्रा का आकर्षण का केंद्र मनमोहक झांकियां होती हैं। शोभायात्रा में नवदुर्गा, बालाजी, गणेश जी, काली का अखाड़ा, राधा कृष्ण, शिव पार्वती सहित विभिन्न देवी देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल होती हैं। इस शोभायात्रा में नगर एवं बाहर के कई नामचीन बैंड शामिल होते हैं, जिनकी मधुर धुनों से नगर का वातावरण भक्ति में हो जाता है। शोभा यात्रा रोशन लाल मित्तल धर्मशाला से शुरू होकर परंपरागत मुख्य मुख्य मार्गो से होते हुए मंदिर भजनलाल पर संपन्न होती है।

शोभा यात्रा को देखने के लिए जनसैलाब देर रात तक माता का डोला निकलने तक उमड़ा रहता है। माता की सवारी का जगह जगह भव्य स्वागत किया जाता है।

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