____________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद के लगभग १०० किमी के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र
_____________________________________

रिवर राफ्टिंग – ऋषिकेश

व्हाइट रिवर राफ्टिंग के लिए मशहूर ऋषिकेश भारत की रिवर राफ्टिंग कैपिटल के रूप में भी प्रसिद्ध है।

रिवर राफ्टिंग बेहद रोमांच और आनंद का खेल है। नदियों में पानी के तेज बहाव के साथ बहना पर्यटकों को इसकी और आकर्षित करता है।

नदी के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद तो साधारण मोटरबोट की सैर करके या नाव में बैठकर सैर करके भी उठाया जा सकता है। लेकिन जो रोमांच से भरपूर होते हैं, वे लोग राफ्टिंग के द्वारा नदी के अनूठे रोमांच का अनुभव करते हैं।

पहाड़ों से उछलती कूदती नदी की तूफानी लहरों के बीच रिवर राफ्टिंग के रोमांच का आनंद ही कुछ और होता है। ऋषिकेश गंगा नदी में वाइट वाटर रिवर राफ्टिंग के लिए एक प्रसिद्ध डेस्टिनेशन है।

ऋषिकेश क्षेत्र की गंगा नदी में शिवपुरी से रामझूला, मेरिन ड्राइव से रामझूला तक राफ्टिंग के रोमांच का आनंद लिया जा सकता है। इस क्षेत्र में गंगा नदी में राफ्टिंग के 13 रैपिड्स हैं (नदी का वह भाग जहां नदी की धारा काफी तेज गति से बह रही हो)।

ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा नदी में रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक 50 से भी ऊपर रैपिड (नदी में जहां पानी का उछाल हो) मिलते हैं। गंगा नदी में कौडियाल से ऋषिकेश तक के रास्ते में ही 22 रैपिड हैं। इन रैपिड में डैनियल डिप, वॉल रैपिड, ब्लाइंड माइन्स, गोल्फ कोर्स, संगम, मैरीन ड्राइव आदि रैपिड प्रमुख हैं। डैनियल डिप रैपिड स्थान पर कनाडा के राफ्टर गाइड मार्क डैनियल डूब गए थे। उनकी याद में ही इस स्थान का नाम ‘डैनियल डिप’ है।

यह बिल्कुल अनुठा अलग तरह का अनुभव होता है। नदी के बहते जल की दूधिया और तेज लहरों पर ‌‌‌‌एक मीठी सी गुदगुदाहट, पेट में मरोड़ पैदा कर दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाला रोमांचक खेल।

गंगा नदी के बहाव के साथ संघर्ष करते हुए दोनों तरफ के पहाड़ों के घने जंगलों की अनुपम छटा को निहारते, गंगा नदी के अंदर की बड़ी चट्टानों पर तेज बहाव से बनने वाले झागदार गरजते पानी के बीच अंडाकार बेड़े पर तैरने मात्र की कल्पना से ही शरीर में झुरझुरी सी होने लगती है। गंगा की ऊंची नीची लहरों पर तैरते हुए और गंगा के दोनों ओर के प्राकृतिक सौंदर्य को देखना एक भय मिश्रित आनंद की अनुभूति कराता है।

ऋषिकेश में कोई भी साधारण व्यक्ति जो स्वस्थ हो और पानी से नहीं डरता हो। गंगा नदी में राफ्टिंग के इस अनूठे आनंद का अनुभव कर सकता है।

गंगा नदी में रंग बिरंगी रैफ्ट में हेलमेट लगाए रंग-बिरंगे कपड़े पहने आठ-दस लोग हाथ में लिए चप्पूओं को गंगा नदी में चलाते हुए आगे बढ़ते जाते हुए देखना आसान सा खेल लग सकता है। लेकिन बिना ब्रेक, एक्सीलेटर, स्टीयरिंग और इंजन की रेफ्ट को सही दिशा में गंगा नदी की धारा की लहरों, पत्थरों के बीच भंवर के तेज ढलान वाले बहाव क्षेत्र से सुरक्षित आगे ले जाना अभियान के मुखिया के दिशा निर्देशों पर निर्भर करता है। राफ्टिंग कर रहे सभी लोग राफ्ट में दोनों और बैठे गाइडों के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए ही मंजिल तक सुरक्षित पहुंचते हैं।

ऊंचे पहाड़ों से गंगा नदी जब मैदान की ओर बहती है तब तीव्र ढलानों के पत्थरों से टकराती हुई आगे बढ़ती है। पत्थरों से टकराने से पानी के असंख्य बुलबुले झाग के रूप में उठते हैं जो सुर्ख सफेद रंग के दिखाई देते हैं। गंगा नदी में इन्हीं रैपिडस में रैफ्टिंग करने का अपना ही आनंद होता है और जोखिम भी चरम पर होता है।

जो व्यक्ति प्रशिक्षण लेकर रैफ्टिंग करता है। उसके अंदर जोखिम और रोमांच के इस खेल का डर और हिचक खत्म हो जाती है।

किसी नदी में रैफ्टिंग करने के लिए जो बातें जरूरी होनी चाहिए जैसे नदी का जलस्तर, उसका बहाव और घुमाव तथा पत्थरों से टकराकर उछलते हुए बहना और बीच में कहीं-कहीं बहुत शांत बहते हुए एकाएक किसी स्थान पर तेजी से ढलान की ओर शोरगुल करते हुए तीव्र गति और प्रचंड वेग के साथ बहना यह सारी बातें और खूबी किसी भी नदी में रैफ्टिंग करने के लिए जरूरी बातें होती हैं। ऋषिकेश के पास गंगा नदी में यह सारी खूबियां पाई जाती हैं और इसी से यहां पर राफ्टिंग करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

जो कोई भी अनुभवी गाइड के साथ राफ्ट पर बैठकर यहां गंगा नदी में राफ्टिंग करता है। वह अपने जीवन भर इस समय मिले आनंद के अनुभव को भुला नहीं पाता है।

ऋषिकेश राफ्टिंग के लिए सबसे आसान और लोकप्रिय स्थान है। राफ्टिंग के लिए गर्म मौसम सबसे अधिक अच्छा माना जाता है। इस स्थान पर गंगा नदी का पानी गर्मी में भी बहुत शीतल होता है, लेकिन गर्म मौसम में राफ्टिंग करते हुए तेज धूप भी ठंडी सी लगती है। जितनी तेज गर्मी होती है पर्यटक उतना ही अधिक आनंद गंगा नदी के बर्फ जैसे शीतल पानी में राफ्टिंग करने में लेते हैं

ऋषिकेश में राफ्टिंग करने के लिए पर्यटक यहां से 16 किलोमीटर ऊपर शिवपुरी नामक स्थान पर जाते हैं। शिवपुरी एक लोकप्रिय राफ्टिंग स्पॉट है। यहां से राफ्टिंग करने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

यहां राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से लेकर जुलाई तक का है। इसमें भी मई और जून में राफ्टिंग करना सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस रोमांचकारी खेल का आधारभूत प्रशिक्षण कुछ घंटों में ही प्राप्त किया जा सकता है। विशेषज्ञों द्वारा इसकी मूलभूत आवश्यक जानकारी दी जाती है। जिसमें लहरों को और नदी के बहाव को पहचानना उनसे मुकाबला करने से लेकर एहतियात बरतने तक की सब जानकारी शामिल होती है।

राफ्टिंग के लिए गंगा नदी में उतरने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातें होती हैं जिनका परंपरागत रूप से पालन किया जाता है। यानी सभी तरह की सुरक्षा जैसे नदी में उतरने से पहले हेलमेट और लाइफ जैकेट को पहनना अनिवार्य होता है। कुछ दूरी तक गंगा नदी में चलकर और तैरकर बर्फ जैसे ठंडे पानी का अनुभव हो जाता है। इससे शरीर में नई ऊर्जा का आभास होता है। इसके बाद गंगा नदी को प्रणाम करके राफ्टिंग की बोट के द्वारा यात्रा शुरू की जाती है। आगे गंगा नदी की तेज धारा में अंडाकार नाव पर बैठकर नुकीली चट्टानों से बचते हुए चारों ओर फैले प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा दिलो-दिमाग को सम्मोहित कर देता है, जो पूरे जीवन के लिए यादगार बन जाता है।

प्रति वर्ष देश-विदेश के हजारों रोमांच प्रेमी पर्यटक ऋषिकेश गंगा नदी में राफ्टिंग का रोमांचकारी आनंद उठाने के लिए आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *