__________________________________________________ मुजफ्फरनगर जनपद के १०० किमी के दायरे में गंगा – यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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गाजियाबाद जनपद

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लोनी   –

अंग्रेजों के शासन के दौरान यहां के किले के खंडहर में कई बार क्रांतिकारियों ने गुप्त रूप से इकट्ठे होकर योजनाएं बनाई और बाद में उन्हें अंजाम तक पहुंचाया।

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बिजनौर जनपद
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पैजनियां ग्राम – चांदपुर

काकोरी के क्रांतिकारियों का अज्ञातवास स्थल –

काकोरी कांड के बाद इसमें शामिल क्रांतिकारियों को बचाने के लिए पैजनियां जैसे छोटे से गांव ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। बिजनौर में कई स्वतंत्रता सेनानी थे। जिन्होंने इन शहीदों को बचाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। इन शहीदों को ब्रिटिश सरकार से बचाने के लिए हल्दौर के निकट पैजनिया गांव में शरण दी गई थी। जहां ये कई महीने रहे और बाद में दूसरे स्थान पर चले गए थे।
पैजनियां गांव के निवासी स्वतंत्रता सेनानी शिवचरण सिंह का गणेश शंकर विद्यार्थी, भाई परमानंद, रामभज दत्त आदि राष्ट्र भक्तों से निकट का संपर्क था। काकोरी कांड के बाद गणेश शंकर विद्यार्थी पैजनियां में ठाकुर रोशन सिंह अशफ़ाकउल्ला खां को स्वयं अपने साथ लेकर यहां आए थे और शिवचरण सिंह के संरक्षण में छोड़ गए थे। दोनों क्रांतिकारी लंबे समय तक पैजनियां में रहे और बाद में गणेश शंकर विद्यार्थी इनको अपने साथ ले गए।

इनके अतिरिक्त पैजनियां में और भी कई युवा क्रांतिकारी आकर रहे थे इनमें महाराष्ट्र के अप्पा राव,अवनीकांत मुकर्जी, पंजाब के चुन्नीलाल तथा राम सिंह यहां अज्ञातवास में रहे थे
पैजनियां में जिस स्थान पर क्रांतिकारियों ने अज्ञातवास किया था वहां सरकार द्वारा एक स्मारक बनवाया गया है।

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