______________________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद (उ.प्र.- भारत) के १०० कि.मी.के दायरे में व उसके निकट गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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उत्तराखंड प्रदेश की राजधानी देहरादून जनपद में स्थित जौनसार बावर का क्षेत्र अपने शांत वातावरण और प्रदूषण रहित पर्यावरण के लिए जाना जाता है। टोंस और यमुना नदी के बीच बसा यह क्षेत्र प्रकृति के वास्तविक सौंदर्य से भरपूर है। यहां के इस असली प्राकृतिक सौंदर्य को तो यहां आकर ही निहारा जा सकता है। इसी क्षेत्र में बसा है एक छोटा और सुंदर पहाड़ी नगर चकराता। प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए उपयुक्त यह स्थान देहरादून से 98 कि.मी. दूर समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

प्राकृतिक सुंदरता एवं रोमांचक खेलों के लिए जाना जाने वाली यह पहाड़ी सैरगाह एक छावनी शहर है। इसके पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और पूर्व में मसूरी स्थित है। पहली बार इस स्थान को जॉन वश द्वारा 1860 में खोजा गया था। मूल रूप से ब्रिटिश भारतीय सेना की छावनी के लिए चकराता की स्थापना कर्नल ह्यूम और उनके सहयोगी अधिकारियों ने सन 1866 में की थी। उनका संबंध ब्रिटिश सेना की 55 रेजीमेंट से था। इन अंग्रेज अधिकारियों ने यहां के प्राकृतिक वातावरण को देखते हुए इस स्थान को समर आर्मी बेस के रूप में इस्तेमाल किया। अब वर्तमान में यहां भारतीय सेना के जवानों को कमांडो ट्रेनिंग दी जाती है।

बात चकराता के प्राकृतिक सौंदर्य की विशेषताओं की करें तो यहां के सदाबहार शंकु वनों में दूर तक पैदल चलने का अपना ही आनंद है।इस जौनसार बावर इलाके में स्थित चकराता के आसपास दूर – दूर तक फैले देवदार और चीड़ के घने जंगलों में जौनसारी लोगों के आकर्षक गांव हैं। जो कोई भी यहां आता है यहां की खूबसूरती और यहां की संस्कृति उसके मन में बस जाती है।

पर्वतीय सैरगाह चकराता कि यह विशेषता है कि यह नगर अभी तक आधुनिक सुख-सुविधाओं से दूर है। सेना की कड़ी निगरानी के कारण इस क्षेत्र की खूबसूरती अभी तक बची हुई है। इस स्थान की सुंदरता अभी तक अनदेखी ग‌ई खूबसूरतियों में से एक है।

देहरादून जनपद का इलाका उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित होने के कारण यहां की संस्कृति में हिमाचली संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है।

चकराता जौनसार बावर क्षेत्र का ही एक नगर है। यहां के आस-पास के गांवों के पारंपरिक मकान यहां आने वालों को चकित करते हैं। यहां बने मकान आम मकानों से बेहद अलग तरह की शैली में बने होते हैं और उन पर की गई महीन नक्काशी भी देखते ही बनती है। पत्थर और लकड़ी से बने यह मकान पैगोडा शैली में बने होते है और‌ इन मकानों की छत पहाड़ी सलेटी पत्थर से बनाई ग‌ई होती है।इस इलाके में भारी बरसात होती है और सर्दियों में बर्फबारी भी होती है इसलिए यहां के मकानों की छत ढलावदार बनाई जाती है। यहां देवदार के पेड़ों की अधिकता और इसकी लकड़ी महीन नक्काशी के उपयुक्त होने के कारण इन मकानों के निर्माण में विशेष रूप से देवदार की लकड़ी का ही प्रयोग होता है। दो,तीन या चार मंजिल वाले इन मकानों की हर मंजिल पर एक से चार कमरे बने होते हैं। इन मकानों की खास बात यह है कि यह मकान सर्दियों में सर्द नहीं होते हैं।

चकराता हिलस्टेशन प्राकृतिक पर्वतीय सौंदर्य के साथ कई प्रकार के रोमांचक खेलों के लिए भी जाना जाता है। यहां पर ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सामाजिक और सांस्कृतिक वैभव भी बिखरा हुआ है।

दूर-दूर तक फैले घने जंगलों के बीच पैदल चलना हो या ट्रेकिंग करनी हो, कैंपिंग करनी हो या राफ्टिंग यहां हर चीज की सुविधा मिलेगी। रैपलिंग, रॉक क्लाइंबिंग के लिए भी यह एक उपयुक्त स्थान है। ऐसे क‌ई प्रकार के साहसिक खेलों का आनंद यहां लिया जा सकता है। माउंट क्लाइम्बिंग,स्कीइंग जैसी गतिविधियों के लिए भी चकराता बहुत अधिक प्रसिद्ध है। बर्ड वाचिंग का भी यहां आनंद लिया जा सकता है। इस हिल स्टेशन के अन्य आकर्षण में आस-पास के जंगलों में तेंदुए, चित्तीदार हिरण और‌अन्य वन्य जीवों के अलावा यहां पाई जाने वाली खूबसूरत वनस्पति आदि शामिल हैं।

चकराता में आयोजित होने वाले मेलों और यहां मनाएं जाने वाले त्यौहारों का नजारा भी देखने लायक होता है। लगभग हर महीने कोई न कोई त्योहार यहां मनाया जाता ही रहता है।

पर्यटकों के लिए प्राकृतिक स्वर्ग की तरह है चकराता।

प्रकृति के बीच यहां क‌ई देखने लायक स्थान हैं।

देव वन – बर्डवाचिंग — देवदार के बड़े- बड़े पेड़ों से घिरा है यह पर्यटन स्थल‌ और यह पेड़ ही यहां के मुख्य आकर्षण हैं।इस स्थान पर क‌ई-क‌ई सौ वर्ष पुराने देवदार के वृक्ष मौजूद हैं। यहां से बर्फ से ढकी हिमालय की खूबसूरत पर्वतश्रंखला दिखाई देती है। इसके अलावा यहां बर्डवाचिंग भी की जा सकती है। इस इलाके की शान खूबसूरत पक्षी चोकर पार्टिज तथा कॉमन हॉक कुक्कू,मेलों क्राउड वुडपेकर,रसेट स्पैरो, हिमालयन वुडपेकर,सिनेरियो वल्चर जैसे सुंदर और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को यहां देखा जा सकता है।

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