______________________________मुजफ्फरनगर जनपद (उ.प्र-भारत) के १००किमी के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र
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मालपुरा गांव –

*** मलपुरा का योगाश्रम

यह गांव मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से 19 किमी दूर भोपा कस्बे के पास पौराणिक शुकतीर्थ से कुछ ही दूरी पर बसा है।

मुजफ्फरनगर से मोरना जाने वाले मार्ग पर भोपा तथा मोरना कस्बों के बीच दाई और एक रास्ता मलपुरा गांव की ओर सड़क से करीब 1 किमी हटकर जाता है।

मलपुरा गांव के सुरम्य ग्रामीण परिवेश में स्थित मालपुरा योगाश्रम के प्रेरणास्रोत और संस्थापक योगीराज धर्मप्रकाश जी थे। यह आश्रम लोक सेवा के लिए देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है।

देश के कोने कोने से एवं विदेश से भी आने वाले रोगियों ने योग आश्रम आकर निरूकता का अनुभव किया है।

इस योगाश्रम के संस्थापक स्वामी योगीराज धन प्रकाश जी ने छोटी आयु में ही उन्होंने अपने आप को नूरमहल (पंजाब) के सिद्ध महापुरुष बाबा मनसाराम जी को समर्पित कर दिया था। बाबा मनसा राम जी के ब्रह्मलीन हो जाने पर संत साधु राम जी ने नूर महल में अपने छोटे आश्रम में ही एक सतनारायण मंदिर और धर्मार्थ आयुर्वेदिक औषधालय बनवाया था। इन्हीं संत साधु राम जी के चरणों में योगीराज धर्म प्रकाश जी गए थे तथा उनके सानिध्य में ही उन्होंने 19 वर्ष तक साधना की थी।

योगीराज धर्म प्रकाश जी ने लिखा है कि जब वह मार्च 1957 में रात्रि के समय सोए हुए थे, तो उनके स्वप्न में गुरु महाराज आए थे तथा वर्तमान व भविष्य की बात बताई थी। वे अपनी अलौकिक धारणा के अनुसार संत साधु राम जी के पास गए थे। वहीं उन्हें योगीराज की संज्ञा मिली।

योगीराज धर्म प्रकाश जी ने 20 अक्टूबर 1978 को अपनी जन्मभूमि गांव मलपुरा में ही योगाश्रम की स्थापना की। योगाश्रम ने योगीराज के पुरुषार्थ और जन सहयोग से थोड़े ही समय में तेजी से विकास किया। चिकित्सा सेवा के अलावा योगीराज जी ने लोगों में मानव संदेश और भाईचारे की भावना एवं सांप्रदायिक एकता जागृत की।

स्वामी योगीराज धर्म प्रकाश जी ने होम्योपैथिक धर्मार्थ औषधालय तथा विशाल श्री सत्यनारायण मंदिर मलपुरा, श्री कृष्ण धाम शुक्रताल, सेवा सदन मुजफ्फरनगर आदि जैसे कार्यों को करके लोगों का दिल जीत लिया था।

** श्री सत्यनारायण मंदिर – मलपुरा

श्री सत्यनारायण मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। देश विदेश के हजारों लाखों लोग इस मंदिर को देखने के लिए आए हैं। विशाल सतनारायण मंदिर को बिना नक्शे के तैयार किया गया है।

श्री सत्यनारायण मंदिर पर लगा संगमरमर चिलचिलाती धूप में भी ठंडा ही रहता है। सूर्य की किरणों का प्रकाश जब तक रहता है उनका मंदिर में प्रवेश भी तब तक ही होता रहता है। ‌

श्री सत्यनारायण मंदिर का निर्माण कराने में करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। इस मंदिर को इंग्लैंड के बुल्वर हैप्टन ने बनवाया था। वह यहां औषधालय में दवाई लेने आते थे। आश्रम की दवाई से जब उनका रोग ठीक हो गया तो यहां आश्रम में उन्होंने यह मंदिर बनवाया था। ‌

श्री सत्यनारायण मंदिर का उद्घाटन 23 नवंबर 2008 को हुआ था।

* होम्योपैथिक औषधालय –

स्वामी धर्म प्रकाश योगीराज जी प्रसिद्ध योगाचार्य माने जाते थे। उनके पास अमेरिका तक के लोग दवा लेने आते थे। योगीराज जी ने लाखों रोगियों का उपचार किया। ईश्वर ने उन्हें वह हुनर बख्शा था कि लाइलाज घोषित मरीज भी उनके पास आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते थे। सामान्य और निर्धन वर्ग के मरीजों को वे लागत से भी कम मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध कराते थे।

उनके समय मलपुरा के चिकित्सालय में ऐसे ऐसे रोगी भी देखने को मिलते थे जो देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी रोग ठीक नहीं होने पर हताश हो चुके थे। यहां आकर उन्हें अपने गंभीर रोगों से मुक्ति मिली और उन्होंने मानवता का संदेश भी दिया।

देश के कोने कोने के अलावा विदेशों से भी मरीज यहां चिकित्सा कराने के लिए आते थे।

देश विदेश के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों व चिकित्सकों के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी यहां मलपुरा अनेक बार आए थे और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया था।

* वर्ष 2006 में आश्रम का ट्रस्ट बना था। इस ट्रस्ट के तहत आने वाले मनसाराम मिशन चैरिटेबल आश्रम श्रीसंत साधु राम आयुर्वेदिक धर्मार्थ औषधालय आश्रम गुरु गद्दी हनुमान मंदिर आश्रम श्री सत्यनारायण मंदिर नूरमहल पंजाब ठाकुरद्वारा कृष्ण संस्थान आश्रम श्री कृष्ण धाम शुक्रताल सेवासदन मुजफ्फरनगर आश्रम के धर्मराज योगीराज संरक्षक थे।

योगीराज जी को अधिक प्रसिद्धि उनकी होम्योपैथिक दवाओं से मिली थी विदेशों से भी लोग उनकी दवाएं मंगाते थे।

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