_______________________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद (उ.प्र.-भारत) के १०० कि.मी. के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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गंगा जी की तीर्थ नगरी हरिद्वार में श्रद्धालु भक्तों की श्रद्धा का केंद्र दक्षिण भारतीय निर्माण शैली में बना मकरवाहिनी गंगा महादेवी के मंदिर का निर्माण कांची कामकोटि पीठम के जगतगुरु शंकराचार्य श्री जयेंद्र सरस्वती जी महाराज ने सन 1978 में करवाया था। ललताराओ पुल के समीप स्थित गंगा जी के इस मंदिर में मकरवाहिनी गंगा जी की बहुत सुंदर मूर्ति स्थापित है।

श्रीगंगा जी की मूर्ति के एक और स्वामी कार्तिकेय भगवान की प्रतिमा स्थापित है तो दूसरी ओर श्री गणेश जी भगवान की प्रतिमा स्थापित है। इनके अलावा इस मंदिर के परिसर में भगवान शिव पार्वती भी विराजमान है।

मकरवाहिनी श्री गंगा जी मंदिर की बगिया में गंगाजी को पृथ्वी पर लाने के लिए भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महाराजा भागीरथ द्वारा शिव पार्वती की अर्चना की आकर्षक झांकी दर्शाई गई है। यह झांकी दक्षिण भारतीय शैली में बनी हुई है।

मकर वाहिनी गंगा जी मंदिर की दीवारों पर संस्कृत के केवल ९० श्लोकों में ही संपूर्ण रामायण ‘श्री राम महाक्रतुस्तंभ’ संगमरमर के पत्थरों पर खुदी हुई है।

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