___________________________________________________________मुजफ्फरनगर जनपद (उ.प्र.- भारत) के १०० कि.मी. के दायरे में गंगा-यमुना की धरती पर स्थित पौराणिक महाभारत क्षेत्र

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मुजफ्फरनगर जनपद के बीचोबीच से गुजरती है विशाल एवं मनोहारी गंग नहर और इसी के किनारे-किनारे से होकर गुजरता है कांवड़ यात्रा सड़क मार्ग। कांवड़ यात्रा सड़क मार्ग से प्रतिदिन दिल्ली से हरिद्वार, देहरादून की ओर आने-जाने के लिए हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों में यात्रा करने वाले दूरदराज के नागरिकों के लिए इस इलाके में मिलने वाला अमृत समान पानी कौतूहल का विषय है।

कांवड़ यात्रा सड़क मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के मन में गंग नहर के किनारे स्थित हैंडपंपों का बर्फ सा ठंडा व मीठा पानी कौतूहल सा पैदा करता है। तेज चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच यात्रा करते हुए अगर गंग नहर जैसी मनोहर जलधारा के किनारे किसी पेड़ की घनी छांव के नीचे अमृत समान बहुत ही ठंडा और मीठा पानी पीने के लिए मिल जाए तो शरीर में स्फूर्ति सी आकर वह न‌ई उर्जा से भर जाता है।

इस सड़क मार्ग पर गंगनहर पर बने पुलों के निकट व‌ अन्य स्थानों पर हैंडपंप लगे हैं। मार्ग के कुछ स्थानों पर लगे हैंडपंप तो विशिष्ट पहचान स्थापित किए हुए हैं। प्रतिदिन हजारों नागरिक इनका अमृत जैसा ठंडा पानी पीकर तृप्त होते हैं और क्षण भर में ही गर्मी से निजात पाते हैं। जी भरकर इस इलाके के पानी की प्रशंशा करते हैं।

गर्मियों के मौसम में यूं तो गंगनहर के किनारे लगे सभी सरकारी हैंडपंप शीतल पानी प्रदान करते ही हैं किंतु प्रत्येक क्षेत्र में भूगर्भ के पानी का अपना अलग ही स्वाद होता है। इस सड़क मार्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा मुजफ्फरनगर जनपद से होकर गुजरता है। जनपद में इस मार्ग पर संभलहेड़ा नहर पुल के पास लगे हैंडपंप का पानी तो Ro के पानी से भी शुद्ध और मिनरल्स से युक्त है। इस जनपद के ही भोपा नहर पुल,भैंसी(खतौली) नहर पुल, सठेडी नहर पुल के पास लगे हैंडपंप अपने मीठे व ठंडे जल के लिए प्रसिद्ध है। भोपा गंगनहर पुल के निकट स्थित हैंडपंप के ठंडे व मीठे पानी को पीने के लिए तो राहगीरों की कतार टूटने का नाम ही नहीं लेती। इस मार्ग से होकर यात्रा करने वाले हजारों लोग रुककर न केवल इस नल के पानी को पीते हैं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों सहित यहां वाटर कूलर,थर्मस व अन्य पात्रों में ठंडा व मीठा जल भरने के लिए लाइन में लगे रहते हैं।

पतितपावनी गंगा से निकली गंगनहर इस इलाके की लाखों हेक्टेयर धरती की सिंचाई कर खेती में बड़ा योगदान देती है।

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