पौराणिक तीर्थ गढ़मुक्तेश्वर के निकट पतित पावनी गंगा जी के किनारे नवोदित तीर्थस्थल ब्रजघाट है।

ब्रजघाट गंगा तट पर अमावस्या, पूर्णिमा व एकादशी को श्रद्धालु यहां दूर-दूर से स्नान करने हेतु आते हैं l हर रविवार को तो यहां श्रद्धालुओं का जमघट सा लगा रहता है।

दिल्ली – लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर दिल्ली से 100 किलोमीटर दूर गंगा किनारे स्थित ब्रजघाट  पर बने पुल से गुजरने वाला शायद ही कोई वाहन ऐसा होगा जिसमें सवार लोग गंगा में डुबकी का आनंद न लेते हो। रोजाना हजारों श्रद्धालु यहां गंगा स्नान करने के लिए आते हैं।

हरिद्वार तीर्थ के उत्तराखंड राज्य में चले जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार की ब्रजघाट तीर्थ को हरिद्वार तीर्थ की तरह  विकसित करने की योजना है जिसके अंतर्गत यहां पुराने घाट को तोड़कर विस्तृत भव्य नया घाट बनाया गया है। हरिद्वार की तरह ही ब्रजघाट में भी नियमित गंगा आरती होती है।

ब्रजघाट तीर्थ में वेदांत मंदिर, कृष्णा आश्रम, हनुमान मंदिर आदि अनेक मंदिर हैं।

ब्रजघाट तीर्थ में वेदांत मंदिर विशेष आकर्षण का  केंद्र और दर्शनीय है। एक बड़े क्षेत्र में बने इस मंदिर में प्रवेश करते ही सामने दाएं ओर बाबा अमरनाथ की भव्य गुफा है और बाएं तरफ राम दरबार तथा राधा कृष्ण जी की मनोहारी प्रतिमाएं हैं। यहां विशाल सत्संग भवन में सामने ही गरल पान करते भगवान शिव का भव्य भित्ति चित्र है। इस मंदिर में पुराणों की रचना करने वाले भगवान वेदव्यास तथा आद्य जगतगुरु शंकराचार्य जी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर में नाग माता सुरसा, समुद्र सेतु बंधन और वैष्णो देवी की भव्य गुफा बनी हुई है। सेतुबंध झांकी के अंतर्गत एक कुंड बना हुआ है जिसमें सेतुबंध रामेश्वर से लाया हुआ पत्थर का टुकड़ा तैरता रहता है। वैष्णो देवी की गुफा के सामने ही हनुमान जी की विशाल मूर्ति है। मंदिर में मृत्युंजय शिव, धनुर्धारी भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण का विराट स्वरूप, भगवती लक्ष्मी की भव्य प्रतिमाएं भी दर्शनीय हैं।

इस मंदिर की भगवान विष्णु, भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण, भगवान शिव, राम भक्त हनुमान जी, भगवती दुर्गा, भगवती लक्ष्मी, भगवती सरस्वती आदि की विभिन्न रूपों में बड़ी  आकर्षक और दर्शनीय प्रतिमाएं  हैं।

इस मंदिर में वैष्णो देवी की गुफा और बाबा अमरनाथ की गुफा विशेष आकर्षण का केंद्र हैं । कारीगरों ने इन गुफाओं को  प्राकृतिक रूप देकर बड़ी कुशलता से बनाया है I

ऊपर की मंजिल पर सामने की तरफ कतार में अलग- अलग कक्ष में माता मनसा, रिद्धि – सिद्धि सहित गणेश जी, लक्ष्मी नारायण, सीता  राम – हनुमान, गंगा जी, भगवान नरसिंह, राम भक्त हनुमान आदि की विशाल भव्य प्रतिमाएं हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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