बागपत जनपद में बरनावा के पास जहां इस क्षेत्र में कृष्णा वह हिंडन नदी का संगम होता है इसी संगम स्थल के पास बिनौली गांव स्थित है प्राचीन समय में इसका नाम बनावली हुआ करता था दिल्ली से सहारनपुर की ओर जाते हुए यह स्थान एक मुख्य पड़ाव स्थल होता था मुगल बादशाह की सेनाएं जब दिल्ली से सहारनपुर की तरफ जाती थी उनका पड़ाव भी यहीं पर होता था इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए मुगल काल में पीर साहब ख्वाजा शाह ने यात्रियों तथा सेनाओं के विश्राम और रात में ठहरने के लिए एक विशाल सराय का निर्माण कराया था

मुगल काल में जिस शैली की इमारतें बना करती थी उसी स्थापत्य कला का यह सराय अनूठा उदाहरण है उस समय जिस प्रकार इमारतों की छतों के बनाने के लिए गुंबद शैली का प्रयोग किया जाता था और उस समय की इमारतों का मुख्य दरवाजा जिस भव्य तरह का होता था उसी मुगल शैली का मिलाजुला स्वरूप इस सराय में देखा जा सकता है इस समय इस सराय

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